अखिल भारतीय हरियाणा गौड़ ब्राह्मण महासभा छात्रावास में हर्षोल्लास के साथ मना 77वां गणतंत्र दिवस
जयपुर | 27 जनवरी, 2026
| योगेश शर्मा
77वें गणतंत्र दिवस के गौरवशाली अवसर पर अखिल भारतीय हरियाणा गौड़ ब्राह्मण महासभा छात्रावास, जयपुर में भव्य ध्वजारोहण समारोह का आयोजन किया गया। देशभक्ति के उत्साह से सराबोर इस कार्यक्रम में समाज के प्रबुद्ध जनों, पदाधिकारियों और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
संवैधानिक मूल्यों की रक्षा का लिया संकल्प
समारोह के मुख्य अतिथि और महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बिरधीचन्द शर्मा ने ध्वजारोहण कर राष्ट्रध्वज को सलामी दी। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि गणतंत्र की वास्तविक शक्ति हमारे संवैधानिक आदर्शों और कर्तव्यनिष्ठा में निहित है।
अध्यक्ष ने सभी सदस्यों और विद्यार्थियों को भारतीय संविधान के प्रति अटूट निष्ठा रखने, राष्ट्र की एकता व अखंडता की रक्षा करने और लोकतांत्रिक मूल्यों को और अधिक सुदृढ़ करने का सामूहिक संकल्प दिलाया। उन्होंने जोर देकर कहा कि राष्ट्रसेवा ही हमारा सर्वोपरि धर्म होना चाहिए।
अनुभवों से मिली प्रेरणा
महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री सीताराम अलियाबाद ने समाज की वरिष्ठ विभूतियों के साथ मिलकर छात्रों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने अपने जीवन के संघर्षों और अनुभवों को साझा करते हुए विद्यार्थियों को अनुशासन, आत्मविश्वास और समाजसेवा का महत्व समझाया। इन प्रेरणादायक प्रसंगों ने छात्रों में भविष्य में बेहतर प्रदर्शन करने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का नया जोश भर दिया।
समाज के प्रबुद्ध जनों की गरिमामयी उपस्थिति
इस पावन अवसर पर महासभा के विभिन्न पदाधिकारी और समाज सेवी उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:
- राष्ट्रीय सहमहामंत्री बंशी लाल एवं राष्ट्रीय सहकोषाध्यक्ष गोपाल (BSNL)
- कार्यालय मंत्री गोपाल लाल शास्त्री व राष्ट्रीय संगठन मंत्री सियाराम महाराजपुरा
- जयपुर शहर ज़िला अध्यक्ष बाबूलाल महल
- युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश मावावाले एवं युवा राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सुनील टीलावाला
- सांगानेर तहसील अध्यक्ष भगवान गोविंदपुरा एवं छात्रावास प्रबंधक रामप्रसाद रामजीपुरा
कार्यक्रम के अंत में छात्रावास के होनहार विद्यार्थियों और युवा संघ के सदस्यों ने राष्ट्र निर्माण में अपना सक्रिय योगदान देने का प्रण लिया। छात्रावास परिसर “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम” के उद्घोष से गुंजायमान रहा।

