अखंड रामायण पाठ से गूंजा पुष्कर का नौ खंडीय हनुमान मंदिर
जानकी नवमी पर हुआ आयोजन का शुभारंभ, 24 घंटे चलेगा रामचरितमानस का पाठ
Written By: सुनील शर्मा
टेलीग्राफ टाइम्स
मई 6, 2025
(हरिप्रसाद शर्मा) पुष्कर/अजमेर: धर्मनगरी पुष्कर के रामधाम तिराहे पर स्थित नौ खंडीय तुलसी मानस हनुमान मंदिर में जानकी नवमी के पावन अवसर पर मंगलवार को पूजा-अर्चना और वैदिक संकल्प के साथ अखंड रामायण पाठ का भव्य शुभारंभ हुआ। यह आयोजन रामचरितमानस की चौपाइयों से संपूर्ण वातावरण को भक्तिमय बनाता हुआ 24 घंटे लगातार चलेगा।
पूरे दिन-रात चलेगा पाठ:
यह पाठ छह अलग-अलग पारियों में विभाजित किया गया है, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से आए पंडित बारी-बारी से रामकथा का गायन करेंगे। पंडितों के साथ-साथ मंदिर में आने वाले श्रद्धालु भी चौपाइयों के वाचन में अपनी भागीदारी निभा सकते हैं।
पहली बार हुआ स्थायी अखंड पाठ का आरंभ:
मंदिर के महंत महामंडलेश्वर नंदराम शरण महाराज ने बताया कि पूर्व में केवल हनुमान जयंती और विशेष पर्वों पर ही अखंड पाठ का आयोजन होता था, लेकिन अब भगवान राम और हनुमान जी की कृपा से इसे निरंतर चलने वाला आयोजन बना दिया गया है। जब तक श्रद्धालुओं का सहयोग मिलता रहेगा, तब तक यह पाठ अनवरत जारी रहेगा।
पूजन और शोभायात्रा:
शुभारंभ अवसर पर भगवान राम, लक्ष्मण, जानकी और हनुमान जी का अभिषेक, श्रृंगार और आरती की गई। साथ ही, मंदिर परिसर से रामचरितमानस की शोभायात्रा भी निकाली गई, जिसमें कई श्रद्धालु शामिल हुए। वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पाठ का शुभारंभ महामंडलेश्वर नंदराम शरण जी के सान्निध्य में किया गया।
देशभर से मिल रहा सहयोग:
इस आयोजन में केवल पुष्कर ही नहीं, बल्कि अजमेर, किशनगढ़, जयपुर और बिहार से भी भक्तगण अपनी सहभागिता और सहयोग दे रहे हैं।
यजमानों की भूमिका:
इस अखंड रामायण पाठ का आयोजन कांतिलाल भोमिया और संजय भोमिया द्वारा कराया गया, जिसमें कांतिलाल भोमिया परिवार सहित धनेश राजगुरु, गोविंद पाराशर, मांगीलाल चौधरी, राकेश भट्ट, रेशु पाराशर, राजेंद्र जैन समेत अनेक श्रद्धालु शामिल हुए।
यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान न होकर देश की सुख-शांति, समृद्धि और सनातन धर्म की एकता के लिए किया जा रहा है। धार्मिकता के इस माहौल में पूरे पुष्कर में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ है।

