खैरथल तिजारा | नरेश गुनानी
समाज में फैले अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र का फायदा उठाकर मासूम लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाने वाले एक बड़े अंतर्राज्यीय गिरोह का खैरथल थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने ‘जिन्न और भूत-प्रेत’ का साया हटाने के नाम पर एक परिवार से करीब 32 लाख रुपये ऐंठने वाले गिरोह के मुख्य सरगना नूरदीन मौलवी (निवासी आंधाकी, पुन्हाना, नूंह-हरियाणा) और उसके साथी तांत्रिक राजेंद्र प्रसाद शर्मा (निवासी खैरथल) को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए दोनों आरोपी शातिर किस्म के अपराधी हैं, जिन पर पहले से दुष्कर्म, धोखाधड़ी और मारपीट जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हैं।
जान का डर दिखाकर जाल में फंसाया, किस्तों में ऐंठे लाखो रुपये
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, इस संगठित गिरोह ने खैरथल के एक स्थानीय परिवार को अपना निशाना बनाया था। आरोपियों ने परिवार को डराया कि उनके घर पर बेहद खतरनाक जिन्न और भूत-प्रेत का साया है, जिसके कारण परिवार के किसी सदस्य की अकाल मृत्यु हो सकती है। मौत का खौफ दिखाकर आरोपियों ने पीड़ित परिवार को पूरी तरह अपने झांसे में ले लिया।
इसके बाद ‘इलाज’ और भारी-भरकम तंत्र-मंत्र की रस्मों के बहाने पीड़ित परिवार को हरियाणा ले जाया गया। वहां डरा-धमकाकर अलग-अलग किस्तों में कुल 29.25 लाख रुपये (25 हजार, 12 लाख, 11.50 लाख और 5.50 लाख रुपये) ऐंठ लिए गए। इतना ही नहीं, बकरे की बलि देने, विशेष पूजा-पाठ और हवन सामग्री के नाम पर भी करीब 1.73 लाख रुपये अलग से वसूल किए गए। कुल मिलाकर आरोपियों ने पीड़ित परिवार से लगभग 32 लाख रुपये की मोटी रकम हड़प ली।
दबिश देकर हरियाणा और खैरथल से दबोचे आरोपी
ठगी का अहसास होने पर पीड़ित पक्ष ने 22 मई 2026 को खैरथल थाने में आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा संख्या 187/2026 दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए खैरथल-तिजारा पुलिस अधीक्षक (SP) बृजेश ज्योति उपाध्याय के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) जयासिंह व किशनगढ़बास डीएसपी लालसिंह यादव के सुपरविजन में खैरथल थानाधिकारी रामकिशन यादव के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।
केस दर्ज होने की भनक लगते ही आरोपी पुलिस से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे। लेकिन पुलिस टीम ने तकनीकी अनुसंधान और मुखबिरों की मदद से जाल बिछाया। 22 जून को पुलिस टीम ने हरियाणा के मेवात (नूंह) क्षेत्र में ताबड़तोड़ दबिश देकर मुख्य आरोपी नूरदीन मौलवी को उसके गांव आंधाकी से दबोच लिया, जबकि सह-आरोपी राजेंद्र प्रसाद शर्मा को खैरथल से ही गिरफ्तार किया गया। पुलिस पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड
पकड़े गए दोनों ही आरोपी आदतन अपराधी हैं और लंबे समय से इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रहे थे:
- राजेंद्र प्रसाद शर्मा: इसके खिलाफ वर्ष 1994 और 2003 में चोरी, अवैध अतिक्रमण और मारपीट सहित अन्य धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।
- नूरदीन मौलवी: इसके खिलाफ राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में धोखाधड़ी तथा हरियाणा के पुन्हाना थाने में दुष्कर्म और जान से मारने की धमकी देने जैसे संगीन मामले दर्ज हैं।
वर्तमान में दोनों आरोपियों के खिलाफ खैरथल थाने में भी धोखाधड़ी के कुछ अन्य मामलों को लेकर जांच चल रही है। पुलिस अब इनसे ठगी गई रकम की बरामदगी के प्रयास कर रही है, साथ ही इस मामले में फरार चल रहे इनके एक अन्य साथी आबिद मौलवी की गिरफ्तारी के लिए जगह-जगह छापेमारी की जा रही है।
पुलिस की अपील: अंधविश्वास से बचें, तुरंत करें शिकायत
इस बड़ी कामयाबी के बाद खैरथल पुलिस ने आमजन से पुरजोर अपील की है कि वे भूत-प्रेत, जिन्न, टोना-टोटका और तंत्र-मंत्र जैसी रूढ़िवादी बातों और अंधविश्वास के बहकावे में बिल्कुल न आएं। पुलिस ने कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति या कथित तांत्रिक पूजा-पाठ, बलि या किसी भी तरह के अंधविश्वास के नाम पर डराकर धन की मांग करता है, तो डरे बिना इसकी सूचना तत्काल नजदीकी पुलिस थाने को दें।
कार्रवाई में शामिल रही पुलिस टीम
इस संगठित गिरोह को बेनकाब करने वाली टीम में खैरथल थानाधिकारी रामकिशन यादव, सहायक उपनिरीक्षक (ASI) रामप्रताप, हेड कांस्टेबल संजय, हेड कांस्टेबल वीरेंद्र, कांस्टेबल जोगेंद्र, कांस्टेबल धनपाल सिंह और कांस्टेबल पुष्पेंद्र सिंह की मुख्य और सराहनीय भूमिका रही।