अंता विधानसभा क्षेत्र उपचुनाव 2025 — निर्वाचन व्यय पर रहेगी सख्त निगरानी
— व्यय पर्यवेक्षक ने अभ्यर्थियों व राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की ली बैठक
नरेश गुनानी •
22 अक्टूबर 2025, जयपुर।
बारां जिले के अंता विधानसभा उपचुनाव के तहत नियुक्त व्यय पर्यवेक्षक मुकेश राठौर ने बुधवार को मिनी सचिवालय सभागार में अभ्यर्थियों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक ली। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव के लिए भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की पूर्ण पालना सुनिश्चित की जाएगी। आयोग द्वारा चुनावी व्यय पर सख्त निगरानी रखी जाएगी।

राठौर ने बताया कि सभी अभ्यर्थी और राजनीतिक दल चुनाव खर्च की सीमा और कानूनी प्रावधानों की जानकारी रखते हुए उनका पालन करें। सभी उम्मीदवार नामांकन से पहले बैंक खाता खुलवाकर सभी जमा-खर्च इसी खाते से करें और इसका ब्यौरा निर्धारित रजिस्टरों में संधारित करें। मुद्रित प्रचार सामग्री पर मुद्रक और प्रकाशक का नाम अंकित होना अनिवार्य है। प्रचार सामग्री के नाम पर धोती, साड़ी या गमछा जैसी वस्तुओं का वितरण प्रतिबंधित रहेगा।
उन्होंने कहा कि रैली या सभा आयोजित करने से पहले अनुमति लेना आवश्यक है और सभी वाहनों पर अनुमति पत्र चस्पा किया जाना चाहिए। परिणाम घोषणा के 30 दिनों के भीतर उम्मीदवारों को चुनाव खर्च का पूरा लेखा-जोखा निर्वाचन विभाग को प्रस्तुत करना होगा। इस अवधि में खर्च रजिस्टरों का तीन बार निरीक्षण किया जाएगा। इन प्रावधानों का उद्देश्य धनबल और बाहुबल के दुरुपयोग को रोकना है। नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से चुनावी व्यय से संबंधित अधिनियम, प्रावधानों और अभिलेख संधारण की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी भंवरलाल जनागल, सीईओ जिला परिषद राजवीर सिंह चौधरी सहित अन्य अधिकारी, अभ्यर्थी और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद थे।
जिला प्रशासन ने किया संवेदनशील मतदान केन्द्रों का निरीक्षण
जिला निर्वाचन अधिकारी और कलक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर तथा पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासु ने अंता विधानसभा उपचुनाव के तहत बामला और कोटड़ी तुलसां स्थित संवेदनशील मतदान केन्द्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें निर्भीक होकर मतदान करने के लिए प्रेरित किया।
कलक्टर तोमर ने वल्नरेबल श्रेणी में चिन्हित बूथों का निरीक्षण करते हुए ग्रामीणों और प्रबुद्ध नागरिकों की शंकाओं का समाधान किया। उन्होंने बताया कि मतदान दिवस पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए जाएंगे और सभी गतिविधियों पर सख्त निगरानी रखी जाएगी। मतदान में बाधा डालने वाले तत्वों से सख्ती से निपटा जाएगा। उन्होंने मतदाताओं से निर्भीक होकर मतदान करने और दूसरों को भी प्रेरित करने का आग्रह किया।
कलक्टर ने मेघवाल बस्ती का भी दौरा कर ग्रामीणों से बातचीत की। इस दौरान बारां एसडीएम विश्वजीत सिंह भी उपस्थित रहे।
प्रिंट मीडिया में विज्ञापनों का पूर्व-प्रमाणन आवश्यक
अंता विधानसभा उपचुनाव के तहत 11 नवंबर को मतदान दिवस निर्धारित है। इसके मद्देनजर 10 और 11 नवंबर को समाचार पत्रों में प्रकाशित होने वाले राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के विज्ञापनों का प्रकाशन पूर्व-प्रमाणन (Pre-certification) के बाद ही किया जा सकेगा।
जिला निर्वाचन अधिकारी रोहिताश्व सिंह तोमर ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार सभी राजनीतिक दल और उम्मीदवार प्रिंट मीडिया में विज्ञापन प्रकाशित करने से पहले जिला स्तरीय मीडिया प्रमाणन एवं निगरानी समिति (MCMC) से पूर्व-प्रमाणन करवाएं। इच्छुक आवेदक विज्ञापन के प्रकाशन की प्रस्तावित तिथि से दो दिन पहले आवेदन प्रस्तुत करें।
राज्य और जिला स्तर पर एमसीएमसी को सक्रिय किया गया है ताकि समय पर विज्ञापनों की जांच और पूर्व-प्रमाणन की प्रक्रिया पूरी की जा सके।
कुल 21 अभ्यर्थियों ने किया नामांकन
अंता विधानसभा क्षेत्र उपचुनाव के लिए मंगलवार को नामांकन की अंतिम तिथि तक 21 अभ्यर्थियों ने कुल 32 नामांकन पत्र जमा कराए हैं। जिला निर्वाचन अनुभाग के अनुसार अंतिम दिन 12 अभ्यर्थियों ने नामांकन दाखिल किए, जिनमें नरेश कुमार मीणा, बिलाल खान, मंजूर आलम, नरेश, जमील अहमद, पुखराज सोनेल, पंकज कुमार, दिलदार और रामपाल (निर्दलीय), योगेश कुमार शर्मा (आरटीओआरपी), अभयदास जांगिड़ (बीएचएएमआईपीवी) और मोरपाल सुमन (बीजेपी) शामिल हैं।