अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष एवं ‘सहकार से समृद्धि’ की समीक्षा बैठक
राजस्थान ने ‘सहकार से समृद्धि’ की पहलों के क्रियान्वयन में दिखाया अच्छा प्रदर्शन
संभावनाओं को पहचान कर और बेहतर कार्य करने की आवश्यकता — सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के निदेशक
By : नरेश गुनानी
टेलीग्राफ टाइम्स
अगस्त 11,2025
जयपुर, 11 अगस्त। सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के निदेशक कपिल मीना ने कहा कि राजस्थान ‘सहकार से समृद्धि’ की पहलों के क्रियान्वयन में अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। उन्होंने कहा कि सहकारिता से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में राजस्थान में व्यापक संभावनाएं हैं, जिन्हें पहचानकर और बेहतर कार्य करने की जरूरत है।
मीना सोमवार को अपेक्स बैंक सभागार में अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025 एवं ‘सहकार से समृद्धि’ की पहलों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने पैक्स कम्प्यूटराइजेशन प्रोजेक्ट में मौजूद खामियों को दूर करने और ऑन सिस्टम ऑडिट कार्य में गति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पैक्स को गो-लाइव करने के कार्य में तेजी लाई जाए तथा गो-लाइव और डे-एंड के बीच का अंतर खत्म किया जाए। एआरडीबी और आरसीएस कार्यालयों के कम्प्यूटराइजेशन कार्य को भी तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

राष्ट्रीय स्तर पर गठित तीन बहुराज्यीय सहकारी संस्थाओं की सदस्यता के मुद्दे पर उन्होंने बताया कि भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड की सदस्यता के मामले में राजस्थान देश में प्रथम स्थान पर है। उन्होंने एनसीओएल और एसीईएल की सदस्यता भी अधिक समितियों को दिलवाने के निर्देश दिए और कहा कि इसमें आ रही समस्याओं को मंत्रालय को अवगत कराया जाए। एम-पैक्स गठन में लक्ष्य से तीन गुना अधिक वृद्धि के लिए भी अधिकारियों की सराहना की। डेयरी और मत्स्य सहकारी समितियों के गठन में अधिक प्रयास करने और निष्क्रिय समितियों के अवसायन की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा।
उन्होंने विश्व की वृहत् अन्न भंडारण योजना के अंतर्गत बन रहे गोदामों के लिए हायरिंग एश्योरेंस सुनिश्चित करने के लिए एनसीसीएफ और नैफेड से समन्वय बनाए रखने को कहा। निर्माणाधीन गोदामों का कार्य 30 सितंबर तक पूरा करने तथा उनके रंग, डिजाइन और लोगो में एकरूपता लाने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2024-25 में स्वीकृत 36 गोदामों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और 2025-26 में स्वीकृत सभी गोदामों की वित्तीय स्वीकृति जारी हो गई है। 17 जुलाई को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 24 गोदामों का लोकार्पण कर चुके हैं। अब तक 97 गोदामों के लिए हायरिंग एश्योरेंस मिल चुका है।
मीना ने कहा कि अधिक से अधिक पैक्स को प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र के रूप में उन्नत किया जाए। जिन प्रबंधकों के पास लाइसेंस के लिए जरूरी डिप्लोमा नहीं है, उन्हें डिप्लोमा करने के लिए प्रेरित किया जाए। पैक्स पर पीएम किसान समृद्धि केंद्र का बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाया जाए। जिन पैक्स का कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में उन्नयन हो चुका है, उन्हें सक्रिय किया जाए। नगरीय और उपनगरीय क्षेत्रों के पैक्स का कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में उन्नयन अनिवार्य किया जाए।
उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के अंतर्गत आयोजित गतिविधियां उपयोगी हों और इनमें प्रशिक्षण व क्षमता संवर्धन कार्यक्रम शामिल किए जाएं। पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत सहकारी समितियों के लिए सोलर पैनल लगाने की अनुमति है, इसलिए इसके लिए आवेदन करवाए जाएं।
अधिकारियों ने बताया कि राज्य में 41,400 से अधिक सहकारी समितियां हैं, जिनके 1.14 करोड़ से अधिक सदस्य हैं। सदस्यता बढ़ाने पर फोकस किया जा रहा है। सहकारी क्षेत्र में मिलेट आउटलेट्स खोलने और बाइक राइड सेवा शुरू करने जैसे नवाचार किए गए हैं, जिन्हें अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। मीना ने इन प्रयासों की भी सराहना की।
बैठक में राजफेड के प्रबंध निदेशक टीकम चंद बोहरा, अतिरिक्त रजिस्ट्रार (प्रथम) शिल्पी पांडे, अतिरिक्त रजिस्ट्रार (मा.सं.वि.) एवं ‘सहकार से समृद्धि’ के मुख्य नोडल अधिकारी भोमा राम, अतिरिक्त रजिस्टार (द्वितीय) एवं अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के नोडल अधिकारी संदीप खंडेलवाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।