जयपुर/ योगेश शर्मा)गुलाबी नगरी के शास्त्री नगर स्थित साइंस पार्क ऑडिटोरियम में ‘अंतर्राष्ट्रीय वरिष्ठ संगीत कलाकार सम्मान समारोह’ का भव्य एवं गरिमामय आयोजन संपन्न हुआ। संगीत और कला जगत के शीर्ष साधकों की उपस्थिति में आयोजित इस समारोह में शास्त्रीय संगीत की प्रख्यात गायिका प्रोफेसर डॉ. सुमन यादव को इस वर्ष के सर्वोच्च सम्मान ‘अंतर्राष्ट्रीय शास्त्रीय संगीत (ख्याल) रत्न’ से अलंकृत किया गया।
दिग्गज हस्तियों की गरिमामय मौजूदगी
कार्यक्रम में गलता पीठाधीश्वर अवधेशाचार्य महाराज का पावन सान्निध्य रहा। वहीं, ग्रैमी अवॉर्ड विजेता एवं पद्मभूषण पंडित विश्वमोहन भट्ट, आचार्य सत्यनारायण पाटोदिया तथा दिल्ली से पधारे प्रोफेसर डॉ. रवि शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में मंचस्थ रहे। समारोह में कथक जगत के दिवंगत विश्वविख्यात नृत्याचार्य पंडित तीर्थराम आज़ाद की धर्मपत्नी विमला देवी शर्मा की मौजूदगी विशेष आकर्षण का केंद्र रही।
प्रमुख बिंदु एवं सम्मान
- सर्वोच्च सम्मान: शास्त्रीय संगीत में मूर्धन्य योगदान के लिए प्रो. डॉ. सुमन यादव को गलता पीठाधीश्वर अवधेशाचार्य महाराज एवं आचार्य सत्यनारायण पाटोदिया ने शॉल, प्रशस्ति पत्र व प्रतीक चिह्न भेंट कर ‘अंतर्राष्ट्रीय शास्त्रीय संगीत (ख्याल) रत्न’ से नवाजा।
- 94 कलाकारों की साधना को नमन: समारोह के दौरान संगीत, वादन एवं नृत्य विधाओं में जीवन पर्यंत सेवा देने वाले देश-विदेश के कुल 94 वरिष्ठ कलाकारों का सम्मान किया गया।
- कला और संस्कृति का समागम: वक्ताओं ने वरिष्ठ कलाकारों को भारतीय सांस्कृतिक धरोहर का संवाहक बताते हुए कहा कि नई पीढ़ी को इन साधकों से अनुशासन और समर्पण की प्रेरणा लेनी चाहिए।
पूरा ऑडिटोरियम वरिष्ठ गुरुओं और उनके शिष्यों की आत्मीय उपस्थिति से सराबोर रहा। कार्यक्रम का कुशल एवं प्रभावी संचालन जयपुर संगीत महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राम शर्मा ने किया। अंत में सभी आगंतुक अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया।