अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस 2026: राजस्थान में वन संरक्षण और तकनीकी नवाचार के नए अध्याय का शुभारंभ

अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस 2026: राजस्थान में वन संरक्षण और तकनीकी नवाचार के नए अध्याय का शुभारंभ

जयपुर, 21 मार्च 2026

| नरेश गुनानी

शनिवार को जयपुर स्थित राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (RIC) के सभागार में अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। ‘वन एवं अर्थव्यवस्था’ (Forests and Economics) की थीम पर आधारित इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री संजय शर्मा रहे। इस दौरान प्रदेश में हरित आवरण बढ़ाने और वन्यजीव सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण और नवाचारों की शुरुआत की गई।

प्रमुख पहल और बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ीकरण

​वन प्रबंधन और वन्यजीवों की सुरक्षा को डिजिटल और आधुनिक संसाधनों से जोड़ने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए गए:

  • सुरक्षा बेड़े में विस्तार: घायल वन्यजीवों के त्वरित रेस्क्यू और सुरक्षित स्थानांतरण के लिए आधुनिक उपकरणों से लैस 5 रेस्क्यू वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। साथ ही, फील्ड स्टाफ की गतिशीलता बढ़ाने के लिए 460 मोटरसाइकिलों को भी बेड़े में शामिल किया गया।
  • अटल वन का उद्घाटन: जयपुर की शाहपुरा तहसील में 30 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित ‘अटल वन’ का लोकार्पण किया गया। इसमें इंटरप्रिटेशन सेंटर, वॉकिंग ट्रेल, वॉच टावर और सोलर फेंसिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
  • इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास: वन्यजीव संरक्षण के उद्देश्य से 30 करोड़ की लागत से कोटा, बारां, पाली, सिरोही, चूरू, मुकुंदरा (MHTR) और अजमेर में 20 प्रे-बेस ऑग्मेंटेशन सेंटर (Prey Base Augmentation Centre) का उद्घाटन किया गया। इसके अलावा 6 वन चौकियां, 2 बैरक और 7 नई नर्सरियों का भी लोकार्पण हुआ।

अभियान और प्रकाशन

​पर्यावरण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष विमोचन किए गए:

  1. कॉफी टेबल बुक: प्रधानमंत्री के आह्वान पर संचालित “एक पेड़ मां के नाम” अभियान की उपलब्धियों और प्रयासों पर आधारित एक विशेष कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया गया।
  2. वनमित्र प्रोत्साहन: पौधरोपण और संरक्षण में जुटे वनमित्रों को ‘पेट्रोलिंग किट’ वितरित की गई ताकि वे प्रभावी ढंग से फील्ड में कार्य कर सकें।

आर्थिक सशक्तिकरण और तकनीकी नवाचार

​कार्यक्रम का एक मुख्य केंद्र ग्रामीण महिलाओं का सशक्तिकरण और डिजिटल गवर्नेंस रहा:

  • राजीविका के साथ समझौता (MoU): जलवायु परिवर्तन प्रतिक्रिया एवं पारिस्थितिकी तंत्र सेवा संवर्धन परियोजना (CRESEP) के तहत राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद के साथ एमओयू किया गया। इससे हजारों ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के मार्ग प्रशस्त होंगे।
  • DigiVan प्लेटफॉर्म: वन प्रबंधन को आधुनिक बनाने के लिए ‘DigiVan’ पोर्टल के नए मॉड्यूल (PoC-3 और PoC-4) लाइव किए गए, जो वन्यजीव आवास निगरानी और कार्बन क्रेडिट प्रबंधन में सहायक होंगे।
  • SEIAA की नई वेबसाइट: पर्यावरण स्वीकृति प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए राजस्थान राज्य पर्यावरण प्रभाव आंकलन प्राधिकरण की नई वेबसाइट लॉन्च की गई।

सम्मान एवं गरिमामयी उपस्थिति

​कार्यक्रम के अंत में विभाग में उत्कृष्ट कार्य करने वाले वनकर्मियों को सम्मानित किया गया। समारोह में विधायक गोपाल शर्मा, अतिरिक्त मुख्य सचिव आनन्द कुमार, प्रधान मुख्य वन संरक्षक पवन कुमार उपाध्याय, शिखा मेहरा, अनुराग भारद्वाज, उदय शंकर, शासन सचिव विजय एन, और स्टेट मिशन निदेशक नेहा गिरि सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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