जयपुर, 21 जून 2026 | लोकेंद्र सिंह शेखावत
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के विशेष अवसर पर आज आरोग्यम योग भारती द्वारा जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) स्टेडियम में एक भव्य और विशाल योग शिविर का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में जयपुर और आसपास के क्षेत्रों से आए लगभग 45,000 योग साधकों ने एक साथ योग क्रियाएँ करके उत्तम स्वास्थ्य का संकल्प लिया। शिविर में बच्चों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों ने पूरे उत्साह और जोश के साथ भाग लिया।
प्रशासनिक अधिकारियों और गणमान्य नागरिकों की रही उपस्थिति
इस वृहद योग शिविर में विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री (राजस्थान सरकार) के ओएसडी डॉ. श्रीराम तिवाड़ी, डीआईजी सुरेंद्र कुमार, कमिश्नर रामकुमार, खातीपुरा व्यापार मंडल के अध्यक्ष भवानी सिंह राठौड़, और ‘हेल्थ इज वेल्थ’ ग्रुप के अध्यक्ष नरेंद्र शर्मा मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
इनके साथ ही अर्जुन दान रतनू, कैप्टन उमेद सिंह गोड, सरवन सिंह राठौड़, रामकरण चौधरी, दिव्या राठौड़, शक्ति सिंह राठौड़, ओम सिंह शेखावत, सरवन कुमार शर्मा, लक्ष्मण सिंह, शंकर सिंह राठौड़, करण सिंह शेखावत, सुरेंद्र सिंह, भंवर सिंह, श्याम सिंह, अरुण शर्मा, हिम्मत सिंह कसुंबी, सीताराम शर्मा, गोविंद राम शर्मा, आर. तिवारी और रामशरण त्रिपाठी सहित कई गणमान्य लोगों ने योग साधकों के साथ बैठकर प्राणायाम और योगासन किए।
दैनिक जीवन में योग का महत्व और सनातन संस्कृति पर व्याख्यान
शिविर को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री के ओएसडी डॉ. श्रीराम तिवाड़ी ने दैनिक जीवन में योग की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने आरोग्यम योग भारती द्वारा समाज हित में चलाए जा रहे विभिन्न आयामों और गतिविधियों की जानकारी दी।
अपने संबोधन में उन्होंने धर्म और जीवन के मूल्यों पर बात करते हुए कहा:
”इस संसार में धर्म ही सबसे बड़ा और सर्वोपरि है। हम वर्तमान में जिस तरह का जीवन जी रहे हैं, वे केवल अलग-अलग पंथों के रास्ते हैं। हमें सत्य सनातन का अनुयायी बनकर और उसके नैतिक मूल्यों को अपनाकर अपने जीवन को सार्थक बनाना चाहिए।”
45 हजार साधकों ने लिया दैनिक योग का संकल्प
इस अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर स्टेडियम में मौजूद करीब 45,000 योग साधकों के सामूहिक उत्साह ने पूरे माहौल को ऊर्जावान बना दिया। कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया कि वे अपने शरीर को स्वस्थ और निरोगी रखने के लिए योग को केवल एक दिन का उत्सव न बनाकर, इसे अपने दैनिक जीवन का अनिवार्य हिस्सा बनाएंगे।