अंतर्राज्यीय नकली नोट गिरोह का भंडाफोड़, दंपत्ति गिरफ्तार
12.20 लाख के नकली नोट व उपकरण बरामद, चंडीगढ़–झालावाड़ पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
गौरव कोचर
जयपुर/झालावाड़, 03 अक्टूबर।
देशभर में नकली भारतीय मुद्रा की खपत कराने वाले एक बड़े अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। झालावाड़ पुलिस की ज़िला स्पेशल टीम (DST) और चंडीगढ़ क्राइम पुलिस स्टेशन की संयुक्त कार्रवाई में गिरोह के सरगना दंपत्ति को झालावाड़ से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने मौके से 12 लाख 20 हजार रुपये मूल्य की नकली करेंसी और नोट छापने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए हैं।
चंडीगढ़ से सुराग, झालावाड़ तक पहुँची जाँच
एसपी अमित कुमार ने बताया कि 29 सितंबर को चंडीगढ़ पुलिस ने गौरव और विक्रम नामक दो आरोपियों को 500-500 रुपये के कुल 2038 नकली नोटों (क़रीब 10 लाख रुपये) के साथ पकड़ा था। पूछताछ में सामने आया कि नकली नोट इन्हें कुरियर सेवा के माध्यम से भेजे गए थे, और उनका पता झालावाड़ ज़िले के बकानी क्षेत्र का था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस ने झालावाड़ पुलिस से संपर्क साधा। इसके बाद पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चिरंजी लाल मीणा और सीओ हर्षराज सिंह खरेड़ा की देखरेख में डीएसटी प्रभारी नेतृत्व वाली विशेष टीम गठित की गई।
सीसीटीवी और इंटेलिजेंस से मिली सफलता
टीम ने सबसे पहले कुरियर बुकिंग का वास्तविक समय खंगाला और फिर 100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया। गहन मानवीय आसूचना और तकनीकी निगरानी से गिरोह के सरगना की पहचान उजागर हुई। पता चला कि आरोपी जितेंद्र शर्मा (40) और उसकी पत्नी रजनी शर्मा (37) पिछले कुछ महीनों से झालरापाटन के चंद्रावती ग्रोथ सेंटर स्थित एक किराए के मकान में रह रहे थे।
छापेमारी में मिला मिनी-प्रिंटिंग प्रेस
ठोस सूचना पर डीएसटी और चंडीगढ़ पुलिस की संयुक्त टीम ने मकान पर छापा मारा। मौके से दोनों आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। तलाशी में नकली नोट छापने का पूरा सेटअप मिला, जिसमें एक रंगीन प्रिंटर, लैपटॉप, कटर मशीन, विशेष स्याही और स्क्रीन फ्रेम इमेजर सहित उपकरण जब्त किए गए।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से ₹12.20 लाख की नकली भारतीय मुद्रा भी बरामद हुई।
उज्जैन के मूल निवासी, झालावाड़ बना रखा था ठिकाना
आरोपी दंपत्ति मूल रूप से उज्जैन, मध्यप्रदेश के निवासी हैं। वे झालावाड़ को नकली नोट छापने और उनकी सप्लाई का केंद्र बनाए हुए थे। चंडीगढ़ क्राइम पुलिस स्टेशन की टीम, पुलिस निरीक्षक सतविंदर के नेतृत्व में, जब्त माल और दोनों आरोपियों को आगे की जांच के लिए चंडीगढ़ ले गई है।
