अब बस और ऑटो में एक ‘स्कैन’ से मिलेगी सुरक्षा
| प्रीति बलानी
जयपुर, 01 मार्च 2026: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च) के अवसर पर राजस्थान पुलिस ने महिला सुरक्षा को डिजिटल तकनीक से जोड़ते हुए एक बड़ी पहल की है। प्रदेश की महिलाओं और बालिकाओं के सफर को सुरक्षित बनाने के लिए अब सार्वजनिक परिवहन के साधनों में ‘राजकॉप सिटीजन एप’ के क्यूआर कोड (QR Code) युक्त पोस्टर लगाए जा रहे हैं।
पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा की मंशा के अनुरूप, पुलिस मुख्यालय ने पूरे प्रदेश में इस विशेष अभियान का आगाज कर दिया है।

तकनीक आधारित सुरक्षा: एक स्कैन और पुलिस तैनात
इस नवाचार के तहत प्रदेश की सभी सरकारी व निजी बसों, ऑटो-रिक्शा और टैक्सियों में विशिष्ट क्यूआर कोड वाले स्टिकर और पोस्टर चिपकाए जा रहे हैं। यात्रा के दौरान यदि कोई छात्रा, कामकाजी महिला या अन्य यात्री खुद को असुरक्षित महसूस करती है, तो वह अपने स्मार्टफोन से इस कोड को स्कैन कर सकती है।
- तत्काल सहायता: क्यूआर कोड स्कैन करते ही यात्री सीधे ‘राजकॉप सिटीजन एप’ तक पहुंच सकेंगे।
- ‘नीड हेल्प’ (Need Help) फीचर: एप में मौजूद इस विशेष बटन को दबाते ही पीड़िता की सटीक लोकेशन तुरंत नजदीकी पुलिस कंट्रोल रूम को मिल जाएगी, जिससे पुलिस की क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) मौके पर पहुंच सकेगी।
सशक्त सुरक्षित सफर का भरोसा
राजस्थान पुलिस की इस पहल का उद्देश्य केवल अपराध रोकना ही नहीं, बल्कि महिलाओं के मन में सुरक्षा का भाव पैदा करना भी है। जयपुर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में यातायात पुलिसकर्मियों द्वारा वाहनों पर ये पोस्टर व्यवस्थित रूप से लगाए जा रहे हैं।
अभियान की मुख्य विशेषताएं:
- जागरूकता: सार्वजनिक वाहनों में पोस्टर होने से अपराधियों में भय और यात्रियों में विश्वास बढ़ेगा।
- त्वरित कनेक्टिविटी: आपातकालीन स्थिति में मोबाइल नंबर डायल करने के बजाय सीधे डिजिटल अलर्ट भेजने की सुविधा।
- आधुनिक तंत्र: सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से लैस कर आमजन तक सहज पहुंच बनाना।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर
यह अभियान दर्शाता है कि राजस्थान पुलिस महिला सुरक्षा को केवल प्राथमिकता ही नहीं, बल्कि एक निरंतर मिशन के रूप में देख रही है। 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में शुरू हुई यह योजना तकनीक आधारित सुरक्षा तंत्र को जमीनी स्तर तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम साबित होगी।
