अंतरराष्ट्रीय पुष्कर मेला 2025 — ‘पहले आओ, पहले पाओ’ नीति लागू, अब नहीं होगा वीआईपी सिस्टम
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में आम और खास एक साथ बैठेंगे; मंत्री सुरेश सिंह रावत बोले— “भव्य होगा मेला, बजट की कोई कमी नहीं”
रिपोर्ट हरि प्रसाद शर्मा पुष्कर, संपादन नरेश गुनानी, टेलीग्राफ टाइम्स।
पुष्कर/अजमेर, 4 अक्टूबर।
अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त पुष्कर मेला-2025 इस बार अपनी नई व्यवस्था और जनसहभागिता के लिए चर्चा में है। पहली बार मेले में वीआईपी पास प्रणाली समाप्त कर दी गई है, जिससे सांस्कृतिक और रंगारंग कार्यक्रमों में आम जनता और विशिष्ट अतिथि एक समान रूप से सम्मिलित हो सकेंगे। प्रशासन ने इसके लिए “पहले आओ, पहले पाओ” की नीति लागू की है।
होटल सरोवर में हुई पशु मेला सलाहकार समिति की बैठक
शनिवार को आरटीडीसी होटल सरोवर, पुष्कर में पुष्कर पशु मेला सलाहकार समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता राज्य मंत्री सुरेश सिंह रावत ने की।
बैठक में आगामी पुष्कर मेले की तैयारियों, सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात प्रबंधन, आवासीय व्यवस्थाओं और सांस्कृतिक आयोजनों की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा हुई।
मंत्री बोले — “मेला होगा भव्य, बजट की कोई कमी नहीं”
मंत्री सुरेश सिंह रावत ने कहा कि पुष्कर मेला राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान है और इस वर्ष इसे पहले से भी अधिक भव्य रूप में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा—
मंत्री रावत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर विभाग अपनी जिम्मेदारी के प्रति सजग रहे और आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों को विश्वस्तरीय अनुभव प्रदान किया जाए।
वीआईपी कल्चर पर रोक — ‘समानता की दिशा में कदम’
इस बार मेला परिसर में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों, लोकनृत्य, संगीत संध्या और प्रतियोगिताओं में कोई वीआईपी जोन नहीं बनाया जाएगा।
आम नागरिक, पर्यटक, कलाकार और गणमान्य सभी एक समान पंक्ति में बैठकर कार्यक्रमों का आनंद लेंगे।
यह निर्णय मेले को जनसुलभ और लोकतांत्रिक स्वरूप देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा
बैठक में अजमेर जिला कलेक्टर लोक बंधु, एसपी वंदिता राणा, निवर्तमान नगर परिषद सभापति कमल पाठक, तथा पुष्कर के जनप्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
सभी ने अपनी-अपनी जिम्मेदारियों और व्यवस्थाओं पर प्रस्तुतिकरण दिया।
कलेक्टर लोक बंधु ने कहा कि पुष्कर मेला में भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण, पार्किंग और पेयजल आपूर्ति पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
मेले में होगी परंपरा और आधुनिकता का संगम
इस वर्ष का पुष्कर मेला न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से विशेष होगा, बल्कि राज्य सरकार की नई पहलें इसे और आकर्षक बनाएंगी।
मेले में पारंपरिक पशु प्रदर्शनी, ऊंट सज्जा प्रतियोगिता, लोकनृत्य प्रस्तुतियां, राजस्थान दिवस समारोह, और महिला स्वावलंबन स्टॉल प्रमुख आकर्षण रहेंगे।
स्थानीय लोगों में उत्साह
वीआईपी सिस्टम खत्म होने की घोषणा के बाद स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों में उत्साह देखा जा रहा है। सभी का मानना है कि इस निर्णय से मेला अधिक जनहितैषी और समावेशी बनेगा।

